हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी स्वागत है आप सभी का हमारे आज के इस नए आर्टिकल में दोस्तों आज की इस अपडेट में हम लोग बात करेंगे अमेरिका की ट्रंप सरकार आने वाले समय में किसी भी वक्त रिसिप्रोकल टैरिफ की डिटेल्स जारी कर सकती है उसके बारे में दोस्तों जैसे ही रिसिप्रोकल टैरिफ की डिटेल्स जारी की जाएगी इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा आज किस आर्टिकल में हम आपको यही बताने वाले हैं कि कौन सी इंडियन कंपनियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और किन निवेशकों को इस पर ध्यान देना होगा अनुमान लगाया जा रहा है कि 2 अप्रैल की रात को ट्रंप सरकार टैरिफ को लेकर घोषणाएं कर सकती है
आप सभी की जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप सरकार के द्वारा जारी की जाने वाली रिसिप्रोकल टैरिफ 2 अप्रैल से लागू होने जा रहा है अभी मिले अपडेट के अनुसार बताया जा रहा है कृषि पोर्टल टैरिफ की बारीकियां का ऐलान आज कभी भी किया जा सकता है इस वजह से ग्लोबल मार्केट पर भी इससे पहले इसका असर पड़ा है 2025 के पहले तिमाही में ही अमेरिकी स्टॉक मार्केट में हम सभी को गिरावट देखने को मिल गई थी आप सभी को बता दे की बहुत दिनों के बाद किसी एक तिमाही में अमेरिकी मार्केट में शेर का प्रदर्शन इतना खराब रहा है अब हम लोग विस्तार से जानते हैं कि अमेरिकी टैरिफ का इंडियन शेयर बाजार पर क्या असर पड़ने वाला है
आप सभी को बता दे की सबसे पहले चरण में अमेरिकी राष्ट्रपति के द्वारा ऑटोमोबाइल्स और इंपोर्ट पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा जिसे ब्रोकरेज फॉर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज में अपने रिपोर्ट में बताने की कोशिश की है टैरिफ के आने के बाद इंडिया के मार्केट पर इसका कितना इंपैक्ट करने वाला है इसके बारे में भी वहां पर स्पष्ट तरीके से बताया गया है आप सभी को बता दो की इंडियन प्रोडक्ट के इंपोर्ट पर अमेरिका में ड्यूटी काफी कम है इस वजह से इंडियन मार्केट पर इसका असर काफी अच्छा खासा देखने को मिल जाएगा
कुछ सेक्टर्स की अमेरिका को एक्सपोर्ट में ज्यादा हिस्सेदारी
एक्सपोर्ट की माने तो ऑटोमोबाइल सेक्टर और फीस और सीफूड सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का सबसे ज्यादा असर पड़ने वाला है इसका मतलब है कि इस सेक्टर से जुड़ी हुई कंपनियों का रेवेन्यू भारत के अंदर गिर सकता है इसके बाद फार्मास्युटिकल्स, अपैरल और जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री पर भी अच्छा खासा असर देखने को मिल जाएगा आप सभी की जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका को एक्सपोर्ट में इन सेक्टर में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है इसलिए इंडियन मार्केट पर इंजेक्टर में काफी ज्यादा असर पड़ने वाला है
इंडियन एक्सपोर्ट में 6 से 31 अरब डॉलर की आ सकती है कमी
यदि बात करें इंडियन एक्सपोर्ट के बारे में तो यहां पर स्पष्ट तरीके से आपको बता दे की इंडियन एक्सपोर्ट में 6 से लेकर 31 अरब डॉलर की कमी आ सकती है इंडियन एनालिटिक्स का कहना है कि इंडियन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर अमेरिका के सेक्टर के हिसाब से लगाए जाने वाले टैरिफ की वजह से पड़ेगा यदि 10 फ़ीसदी का टैरिफ अमेरिका के द्वारा लगाया जाता है तो 6 अरब डॉलर की कमी हमें भारतीय एक्सपोर्ट में देखने को मिल सकती है वहीं यदि टैरिफ 25% लगाया जाता है तो यह बढ़कर 31 अरब डालर तक जा सकता है जब तक टैरिफ को लेकर स्पष्ट घोषणाएं नहीं हो जाती तब तक या एक अनुमान मात्र है
सरकार की बातचीत से निकल सकता है रास्ता
आप सभी को बता दे की ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने इंजीनियरिंग स्वेटर और ऑटोमोबाइल्स पर 25 फ़ीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है इससे पता चलता है कि अमेरिका टैरिफ को सेक्टर के हिसाब से लगाना चाहता है भारत की सरकार इस बारे में उस एंड एडमिनिस्ट्रेशन से बात कर सकती है और टैरिफ में रियाद की मांग कर सकती है यदि भारत सरकार की बात इस सरकार मान लेती है तो ऑटो और इंजीनियरिंग कंपनियों को उस टैरिफ के खराब असर से बचाने में मदद मिल सकती है
इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए?
इन्वेस्टर्स के लिए बता दें कि एक्सपोर्ट का कहना है कि जो भी नहीं है सब फॉर्म जेम्स एंड ज्वेलरी ऑटो और इंजीनियरिंग कंपनियों के अंदर निवेश करते हैं उन सभी को अपने शेयर पर अपनी नजर बनाकर रखने की जरूरत है वर्तमान समय में यदि आप इन कंपनियों के शेयर के अंदर निवेश करना चाहते हैं तो यह उचित समय नहीं है और आप को यदि इन शेयर में थोड़ी बहुत गिरावट देखने को मिलती है जो टैरिफ के आने के बाद आएगी तो आप हड़बड़ाहट में अपने स्टॉक को बेचने का फैसला मत लीजिएगा आप कोई भी काम अपने समझदारी और सूझबूझ के आधार पर हैं लीजिएगा
Note – हम किसी भी प्रकार से SEBI Regsiter Firm नही है। हम सिर्फ Stock Market के ऊपर Digital और Physical Format मे Content Provider कराते हैं। इस लिए Real Market में Trade करने से पहले अपने Financial Agent या Finanicial Consltent सलाह जरुर ले
धन्यवाद