इंडसइंड बैंक के शेयरों में हाल ही में 6% की गिरावट दर्ज की गई है।
गिरावट की वजह एक नई ऑडिट रिपोर्ट है जो माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में 600 करोड़ की गड़बड़ी की आशंका जताती है।
Ernst & Young को इस गड़बड़ी की जांच के लिए नियुक्त किया गया है।
इससे पहले PwC की रिपोर्ट में भी फॉरेक्स पोर्टफोलियो में 1979 करोड़ के नुकसान की बात सामने आई थी।
लगातार पॉजिटिव ट्रेंड के बाद इस खबर से निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।
रिपोर्ट आने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की जिससे स्टॉक में गिरावट आई।
बैंक ने CFO की नई नियुक्ति और ऑडिट्स के ज़रिए पारदर्शिता दिखाने की कोशिश की है।
EY की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
लॉन्ग टर्म निवेशकों को इंतजार और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को रिस्क मैनेजमेंट के साथ ही ट्रेड करने की जरूरत है।
यह घटना बताती है कि बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता और सतर्कता दोनों जरूरी हैं।
Learn more